
मुंबई। इंटरटेनमेंट स्ट्रीमिग ऐप 'डिस्कवरी प्लस पहली बार भारत में 9० मिनट की खेल डॉक्यूमेंटरी 'स्ट्रोक्स ऑफ जीनियस प्रसारित करने जा रहा है जिसमें विश्व के दो टेनिस स्टार स्पेन के राफेल नडाल और स्विट््जरलैंड के रोजर फेडरर के बीच की प्रतिद्बंद्बिता और एक दूसरे के लिए सम्मान की भावना पर करीब से प्रकाश डाला गया है।
यह डॉक्यूमेंटरी एल जॉन वर्थीम की लिखी किताब 'स्ट्रोक्स ऑफ जीनियस: फेडरर, नडाल एंड द ग्रेटेस्ट मैच एवर प्लेयड पर आधारित है। इसमें 2००8 के विबलडन में प्रसिद्ध टेनिस खिलाड़यिों के साथ-साथ 2० बार ग्रैंड स्लैम के विजेता राफेल नडाल और रोजर फेडरर के बीच की प्रतिस्पर्धा को करीब से दिखाया गया है।
फेडरर ने प्रतिद्बंद्बिता और उनके प्रदर्शन पर इसके प्रभाव को लेकर शो में कहा, ''मुझे प्रतिद्बंद्बिता के विचार को स्वीकार करना पड़ा। शुरुआत में मैं इसे नहीं चाहता था। बाद में मैंने महसूस किया कि इन स्थितियों से सीखने के लिए कुछ अच्छी चीजें हैं इसलिए मैंने अपने खेलने की शैली में थोड़ा बदलाव किया।
उन्होंने कहा, ''मैंने उन मैचों से बहुत कुछ सीखा। इन सब चीजों से गुजरने के बाद आपको लगता है कि आपमें सुधार हुआ है। इन मैचों के कारण आपको जीवन में अधिक अनुभव हो जाता है। आप एक दूसरे का और अधिक सम्मान करना शुरू कर देते हैं।
नडाल ने भी शो में इसी तरह के अनुभव बयां करते हुये कहा, ''मैं फेडरर की खेलने की शैली की प्रशंसा करता हूं और जो ऐसा नहीं करते वे टेनिस के बारे में नहीं जानते हैं। भले ही आप किसी भी खिलाड़ी के प्रशंसक हो आपमें दूसरे खिलाड़यिों के अच्छे गुणों की भी पहचान होनी चाहिए। फेडरर हर मायने में शानदार हैं।
'स्ट्रोक्स ऑफ जीनियस में फेडरर और नडाल की प्रतिद्बंद्बिता पर जान मैकनरो, ब्योर्न बोर्ग, पीट सम्प्रास, टिम हेनमैन,कार्लोस मोया, क्रिस एवर्ट और मार्टिना नवरातिलोवा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के विचार भी लिए गए हैं।(एजेंसी)

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