
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को देरी से सिलेंडर मिल रहा है। सरकार अब ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और इसकी सप्लाई पर निर्भरता को कम करने के लक्ष्य से सरकार एक बड़ा कदम उठाने वाली है।
खबरों के अनुसार, केन्द्र सरकार अब ब्लेंडेड डीजल और कमर्शियल लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) को बाजार में लाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाने की तैयारी में है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की ओर से पेट्रोल में 20 परसेंट एथेनॉल ब्लेंडिंग (ई20) की सफलता के बाद अब डीजल और एलपीजी के लिए एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू की जाने वाली है।
खबरों के अनुसार, एलपीजी में 20 प्रतिशत डीएमई मिलाने से हर साल लगभग 63 लाख टन आयात कम हो सकता है। ऐसा होने से आगामी समय में एलपीजी सिलेंडर की कीमत कम हो सकती है। अभी लोगों को महंगी कीमत पर एलपीजी सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है।
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