इंटरनेट डेस्क। अमेरिका-ईरान विवाद के बीच केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल को लेकर सख्त और बड़ा कदम उठा लिया है। केन्द्र सरकार ने अब सामान्य पेट्रोल पंपों से इंडस्ट्रियल और कमर्शियल उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल खरीदने पर रोक लगा दी है। इन उपभोक्ताओं को अब अपनी जरूरत का ईंधन केवल ऑथराज्ड बल्क सप्लाई प्वाइंट्स से ही मिलेगा। खबरों के अनुसार, केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने हालांकि ये प्रतिबंध 90 दिनों के लिए लागू किया है। स्थिति में सुधार होने पर पहले भी ये फैसला वापस लिया जा सकता है।
सरकार ने एक बड़ा फैसला ये भी लिया है कि एक ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर ही डीजल मिल सकेगा। सरकार की ओर से खुदरा पेट्रोल पंपों पर डीजल बिक्री की डेली लिमिट निर्धारित कर दी है। केन्द्र सरकार के नए आदेश के तहत एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल मिलेगा। हालांकि सरकार ने सामान्य वाहन चालकों और घरेलू उपभोक्ताओं को लेकर स्पष्ट कर दिया कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी।
सरकार ने इस कारण लिया है ये बड़ा फैसला
केन्द्र सरकार की ओर से ये कदम के तहत बड़े कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कंज्यूमर को टार्गेट किया गया है। सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक सप्लाई चेन में बाधाएं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण फ्यूल सप्लाई पर दबाव बढ़ने के कारण ये फैसला लिया है। सरकार का लक्ष्य देशभर में पेट्रोल और डीजल की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने, जमाखोरी रोकने और सप्लाई को सुचारू बनाए रखने का है।
PC:reuters
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