
महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से मची राजनीतिक उथल पुथल के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। ठाकरे ने दादर के सावरकर हॉल में आयोजित शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए सुशांत सिंह राजपूत, कंगन रनौत से लेकर हर मुद्दे पर केंद्र सरकार ओर राज्यपाल पर हमला बोला। ठाकरे ने भाजपा को चुनौती दी कि उनकी 11 महीने पुरानी सरकार गिराकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा केंद्र में अपनी सरकार को बचाए। ठाकरे ने कहा कि अगर भाजपा की देश की अर्थव्यवस्था में सुधार के बजाय सरकारें गिराने में दिलचस्पी रही तो देश में अराजकता फैल जाएगी।
इस बार कोरोना वायरस की रोकथाम के नियमों के चलते हर साल की तरह शिवाजी पार्क में यह आयोजन नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ;;अर्थव्यवस्था में सुधार के बजाय सरकारों को गिराने के लिए कदम उठाये गये। हम अराजकता की ओर बढ़ रहे हैं।
अभिनेत्री कंगना रनौत पर परोक्ष निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि कुछ लोग रोजी-रोटी के लिए मुंबई आते हैं और शहर को पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) बोलकर उसे गाली देते हैं। उन्होंने कहा, ;;जिन लोगों के पास अपने घरों में आजीविका का कोई साधन नहीं है वे मुंबई आते हैं और उसके साथ विश्वासघात करते हैं।
ठाकरे ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में अपने बेटे आदित्य ठाकरे पर लग रहे आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा, ;;बिहार के बेटे को न्याय के लिए शोर मचा रहे लोग महाराष्ट्र के बेटे के चरित्र हनन में लगे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा जीएसटी प्रणाली पर पुनर्विचार करने का वक्त आ गया है और अगर जरूरी हुआ तो इसे बदला जाना चाहिए क्योंकि राज्यों को इससे फायदा नहीं मिल रहा है।

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