
नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की यात्राओं के लिए भारत के वीवीआईपी बेड़े का दूसरा 'एयर इंडिया वन' रविवार को अमेरिका से आ गया। अत्याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली से लैस यह वीवीआईपी विमान दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा। पहला वीवीआईपी एयरक्राफ्ट एक अक्टूबर को भारत आया था। ये दोनों विमान 2018 तक एयर इंडिया के वाणिज्यिक बेड़े का हिस्सा थे, जिन्हें वीवीआईपी विमान बनाने के लिए अमेरिका भेजा गया था।
भारत के वीवीआईपी बेड़े के लिए 'एयर इंडिया वन' का इंतजार अब खत्म हो गया है, क्योंकि अब दोनों हाई-टेक विमान भारत आ चुके हैं।
इनका इस्तेमाल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की उड़ान के लिए किया जाएगा, जिसे वायु सेना के पायलट उड़ाएंगे। दोनों विमान को जुलाई में ही बोइंग कंपनी से भारत को मिलने थे लेकिन पहले कोविड-19 महामारी के कारण और फिर तकनीकी कारणों से देरी हुई।
भारतीय वीवीआईपी बेड़े के मौजूदा विमान सिर्फ 10 घंटे तक ही लगातार उड़ सकते हैं लेकिन इन दोनों हाई-टेक विमानों की वायु सेना के विमानों की तरह ही उड़ने में असीमित रेंज होगी। इमरजेंसी की स्थिति में प्लेन मिड-एयर रीफ्यूल करने में भी सक्षम होगा। ट्विन जीई90-115 इंजन वाला 'एयर इंडिया वन' अधिकतम 559.33 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है।

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