
जयपुर। देश में केंद्र से लेकर राज्य सरकारें कोराना के खिलाफ लड़ाई में तेजी से प्रयास कर रही हैं। इसी दिशा में राजस्थान की गहलोत सरकार भी कड़ा कदम उठाने जा रही है। कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के मद्देनजर राजस्थान में राजनीतिक व सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ साथ सार्वजनिक व निजी परिवहन साधनों का इस्तेमाल करते समय अब मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
राज्य विधानसभा ने इसके लिए एक संशोधन विधेयक सोमवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन ने राजस्थान महामारी (संशोधन) विधेयक 2020 को ध्वनिमत से पारित किया। विधेयक की धारा चार में संशोधन कर नया प्रावधान जोड़ा गया है।
इसके तहत राज्य में लोकस्थान, लोक परिवहन, निजी परिवहन, कार्यस्थल या किसी सामाजिक, राजनीतिक, आम समारोह या लोगों में ऐसे व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी जिसने अपना मुंह और नाक फेसमास्क या किसी फेसकवर से समुचित रूप से ढका हुआ नहीं हो।
गौरतलब है कि राजस्थान की गहलोत सरकार ने पहले भी मास्क को लेकर बड़ा अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत पूरा पुलिस सहित पूरा प्रशासन जगह जगह मास्क बांट रहा हे। होर्डिंग-पोस्टर ओर प्रचार प्रसार के द्वारा मास्क पहनने की अपील की जा रही है। सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि मास्क ही वैक्सीन है। इससे पहले गहलोत सरकार ने जगह जगह नो मास्क नो एंट्री के पोस्टर भी प्रचारित किये थे। इसी की तर्ज पर लंदन के हॉस्पिटल में भी ऐसे ही स्टीकर देखे गए थे, जिसे गहलोत सरकार ने अपनी बड़ी कामयाबी बताई थी।

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