इंटरनेट डेस्क। अमेरिका-ईरान विवाद के बीच केन्द्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब सरकार ने डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) को लेकर ये कदम उठाया है। सरकार ने आज शुरू होने वाले 15 दिनों की अवधि के लिए डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में इजाफा कर दिया है। हालांकि, केन्द्र सरकार की ओर से पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया है।
वित्त मंत्रालय की ओर से एक अधिसूचना के माध्यम से इस बात की जारकारी दी गई है।, नई दरें आज से लागू होंगी। संशोधित दरों के तहत, डीजल निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को 13.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 14 रुपए प्रति लीटर किया गया है। वहीं विमानन टरबाइन ईंधन के निर्यात पर इस शुल्क को 9.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 12.5 रुपए प्रति लीटर किया गया है। हालांकि, पेट्रोल का निर्यात पर शुल्क 1.5 रुपए प्रति लीटर पर ही बरकरार है। सरकार के इस कदम से घरेलू बाजार में बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल की मौजदा कीमतों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ है।
केन्द्र सरकार ने इस कारण उठाया है बड़ा कदम
खबरों के अनुसार, केन्द्र सरकार की ओर से कदम रिफाइनरी कंपनियों को विदेशी बिक्री (निर्यात) को प्राथमिकता देने से रोकने के फोकस के अनुरूप उठाया है। इस कदम से देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी। अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही समझौतो होने की संभावना है। इसकी सभी देशों को उम्मीद है।
PC:abplive
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